यह मेरे सबसे पसंदीदा है मै इनके कहानी से बहुत इंस्पायर हूं। मै इनमे खुद को देखता हूं। चेप्टर 1 एलन की दुनिया साल 2000 में सिलिकोन वैली और सेन फ्रेंसिस्को डीप्रेशन में डूबे हुए थे क्योंकि इन्टरनेट का नशा उतरने लगा था. अब जमाना डॉट कॉम का था जिसके चलते वेंचर केपिटलिस्ट किसी भी इन्वेस्ट में पैसा लगाने से कतरा रहे थे. इस दौर में सिलिकोन वैली के पास सिर्फ एक क्लीक एड्स का काम ही बचा था . ट्विटर और फेसबुक ने अभी-अभी पैर पसारने शुरू किये थे. कुछ लोगो का मानना था कि टेक्नोलोजी इंडस्ट्री अब ठंडी पड चुकी है. एलन मस्क भी इसी डॉट कॉम मेनिया का एक हिस्सा थे. अपनी कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने ज़िप 2 बनाया और $22 मिलियन कमाए. ज़िप 2 गूगल मैप्स की ही तरह का एक सॉफ्टवेयर था. कॉमपेक ने ज़िप 2 को 1999 में खरीदा था. मस्क ने इस कमाई को एक और स्टार्ट-अप X.com खोलने के लिए इन्वेस्ट किया जो बाद में पे-पाल बना. और फिर जब 2002 में ई-बे ने पे-पाल (Pay Pal) खरीदा तो मस्क पहले से ज्यादा अमीर हो गए. मस्क सिलिकोन वैली के बजाए लॉस एंजेल्स में रहने चले गए थे, जह...
Dr.APJ Abdul Kalam Wings Of Fire Mai ek gahra kuwa hun is zameen par beshumaar ladke ladkiyon ke liye ki unki pyas bujhata rahu. Uski bepanah rahmat usi tarah zarre zarre par barasti hai jaise kuwa sabki pyas bujhata hai.itni si kahani hai meri. Jainulabddin aur Ashiamma ke b � te ki kahaani. Us ladke ki kahani jo akhbaare bechkarapne bhai ki madad karta tha, us shagird ki kahani jiski parvarish shiv subramanya ayyar aur anaa durayi soloman ne ki, us vidhyarthi ki kahani jise pandulemaster ne taleem di, em jee ke menon aur professor sarabhai ne ingeeniyar ki pahchaan di, jo nakamiyo aur mushkilo me palkar sayinsdaan bana aur us rahnuma ki kahani jiske sath chalne wale beshumar kabil aur hunarmand logon ki teem thi. Meri kahani mere sath khatm ho jaayegi kyonki duniyavai maayno mai mere pas koi punji nah...
Steve Jobs परिचय वाल्टर आइजेकसन is book ke author को जब पता लगा कि स्टीव जॉब्स कैंसर के Last Stage में है तब जाकर वे स्टीव जॉब्स की biography लिखने को तैयार हुए. बेहद होनहार और तेज़ दिमाग वाले स्टीव जॉब्स साल 2004 से आइजेकसन को अपनी जिंदगी पर एक किताब लिखने के लिए मना रहे थे मगर उनकी कोशिश 2009 में जाकर कामयाब हो पाई जब जॉब्स कैंसर से जूझते हुए अपनी दूसरी मेडिकल लीव पर थे | Year 1984 के वक्त से ही टाइम्स मेगेज़ीन में बतौर मेनेजिंग डायरेक्टर आइजेकसन को कई बार जॉब्स से मिलने का मौका मिला. मगर उस महान इनोवेटर स्टीव ने जब पहली बार आइजेकसन से खुद की biography likhne ke liye kaha तो आईजेकसन उस दौरान अल्बर्ट आइनस्टीन पर लिख रहे थे और बेंजामिन फ्रेंकलिन पर उनकी लिखी किताब पहले ही famous हो चुकी थी. जॉब्स का प्रस्ताव आइजेकसन ने ये कहकर ठुकरा दिया कि “...
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